राज्यसभा सदस्यता कि शपथ लेते जस्टिस गोगोई
आज गुरूवार दोपहर पूर्व चीफ जस्टिस (सीजेआई) रंजन गोगोई कांग्रेस सहित अन्य कई विपिक्षी दलों के सदस्यों के शोर शराबे के बीच राज्यसभा कि सदस्यता की शपथ ले ली है। इस दौरान कांग्रेस सांसदों ने शेम-शेम के नारे लगाए। विपक्ष द्वारा उनका विरोध किए जाने पर उन्होंने मिडिया से बात करते हुए कहा कि 'वो बहुत जल्दी स्वागत करेंगे, कोई आलोचक नहीं हैं।' इसी दौरान तमाम विपिक्षी सांसद सदन से वाक आउट भी कर गये।

उन्हें सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा के लिए नामित किया था। मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने से एक पहले गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने  अयोध्या मसले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर गोगोई जैसे ही शपथ लेने निर्धारित स्थान पर पहुंचे, वैसे ही विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। हंगामे पर आपत्ति जताते हुए सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि ऐसा व्यवहार सदस्यों की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।

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गोगोई ने अंग्रेजी में शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्होंने सभापति और अन्य सदस्यों का अभिवादन किया ।सदन में हंगामे पर सभापति नायडू ने कहा, ‘‘आप संवैधानिक प्रावधानों को जानते हैं, आप उदाहरणों को जानते हैं, आप राष्ट्रपति के अधिकारों को जानते हैं।" नायडू ने कहा "आपको सदन में ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए। किसी मुद्दे पर पर आप अपनी राय सदन के बाहर व्यक्त करने के लिए स्वतंत्रता हैं।"

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्षी सदस्यों का आचरण "पूरी तरह से अनुचित" था। प्रसाद ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग इस सदन के सदस्य रहे हैं। उन लोगों में पूर्व न्यायाधीश भी शामिल हैं जिन्हें मनोनीत किया गया था। नायडू ने कहा, "हमें सदस्य का सम्मान करना चाहिए।" सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कई सदस्यों ने गोगोई को बधाई दी। वह सदन में मनोनीत सदस्य सोनल मान सिंह के पास वाली सीट पर बैठे थे।