सांकेतिक तस्वीर


दुनिया भर में कोरोना वायरस का संक्रमण तेज़ी से बढ़ता जा रहा है. ऐसे में भारत ने एक बार फिर से अपना पडोसी घर्म निभाया है भारत ने कोरोना की चपेट में आए चीन को 15 टन चिकित्सा सामग्री मुहैया करवाई है विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा में बुधवार को एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सरकारी जानकारी के मुताबिक भारत ने चीन को करीब 2.11 करोड़ रूपये मूल्य की 15 टन सामग्री मुहैया कराई है. इस सहायता साम्रगी में मास्क, दस्ताने और अन्य आपात चिकित्सा उपकरण शामिल है

विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा बताया कि चीन को मुहैया कराई गई आपात चिकित्सा सामग्री में एक लाख सर्जिकल मास्क, पांच लाख जोड़े सर्जिकल दस्ताने, 75 इंफ्यूजन पंप, 30 फीडिंग पंप, 21 डिफिब्रिलेटर और एन 95 श्रेणी के चार हजार मास्क मुहैया कराए गए। उन्होंने बताया कि इस सामग्री की कीमत करीब 2.11 करोड़ रूपये थी और इसे वुहान में हुबेई चैरिटी फेडरेशन को सौंपा गया। मुरलीधर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आठ फरवरी 2020 को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पत्र लिखकर कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर चीन के साथ भारत सरकार की एकजुटता का संदेश पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि देश की जनता पड़ोसी देश के साथ है और मदद को तैयार है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 26 फरवरी 2020 को चीन को 15 टन चिकित्सा सामग्री भेजी जिसमें मास्क, दस्ताने और दूसरे चिकित्सा उपकरण मुहैया कराए। यह सामान भारतीय वायुसेना का सी 17 विशेष विमान लेकर गया जो चीन के वुहान में जाकर उतरा। विदेश राज्य मंत्री ने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने वुहान से छात्रों समेत 766 लोगों को तीन विशेष उड़ानों द्वारा निकाला जिनका संचालन 31 जनवरी, एक फरवरी और 26 फरवरी को किया गया।

उन्होंने आगे बताया कि वहां से निकाले गए लोगों में 723 भारतीय, 43 विदेशी थे। विदेशियों में 23 बांग्लादेश के, नौ मालदीव के, दो म्यांमार के और एक एक दक्षिण अफ्रीका, मैडागास्कर और अमेरिका का था। उन्होंने बताया, ‘‘ इसके अलावा छह चीनी नागरिकों को भी लाया गया जो भारतीय नागरिकों के पति पत्नी या बच्चे थे।’’